Premanand ji and Virat kohli :- प्रेमानंद जी महाराज और विराट कोहली भक्ति, विनम्रता और जीवन संतुलन की प्रेरक कहानी

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने दिसंबर 2025 में वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज से तीसरी बार आशीर्वाद लिया। भावुक पलों का वीडियो वायरल, महाराज जी ने दी विनम्रता और नाम जप की सीख। राधे राधे!

Dec 28, 2025 - 20:07
Dec 28, 2025 - 21:43
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Premanand ji and Virat kohli :- प्रेमानंद जी महाराज और विराट कोहली भक्ति, विनम्रता और जीवन संतुलन की प्रेरक कहानी
प्रेमानंद जी महाराज और विराट कोहली: भक्ति, विनम्रता और जीवन संतुलन की प्रेरक कहानी

Premanand ji and Virat kohli :- वृंदावन की पावन भूमि हमेशा से भक्ति और आध्यात्मिकता का केंद्र रही है। यहां राधा-कृष्ण की लीला स्थली में स्थित **श्री हित राधा केली कुंज आश्रम** (वराह घाट पर) इन दिनों सुर्खियों में है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ 16 दिसंबर 2025 को फिर से श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज (प्रेमानंद जी महाराज) के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे। यह इस साल उनकी तीसरी मुलाकात थी, जो उनकी गहरी आस्था और आध्यात्मिक खोज को दर्शाती है। ठंड के कड़ाके के बावजूद सादे कपड़ों में जमीन पर बैठे विराट-अनुष्का की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, लाखों लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।

प्रेमानंद जी महाराज राधावल्लभ संप्रदाय के प्रमुख रसिक संत हैं। वे राधा-कृष्ण की सखी भाव भक्ति और नित्य विहार रस की गहन लेकिन सरल शिक्षाएं देते हैं। उनका आश्रम वृंदावन में यमुना किनारे स्थित है, जहां रोजाना हजारों भक्त सत्संग और एकांतिक वार्तालाप के लिए आते हैं। महाराज जी की बातें भागवत, गीता और राधा रस सुधा निधि जैसे ग्रंथों पर आधारित होती हैं। वे नाम जप, सेवा भाव, विनम्रता और अहंकार त्याग पर जोर देते हैं। उनके यूट्यूब चैनल "Bhajan Marg" पर लाखों लोग उनके प्रवचन सुनते हैं।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा कई वर्षों से महाराज जी के भक्त हैं। इस साल जनवरी में वे बच्चों वामिका और अकाय के साथ आए थे। मई में विराट के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के ठीक बाद भी वे आशीर्वाद लेने पहुंचे। अब दिसंबर में, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ODI सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज बनने के बाद और विजय हजारे ट्रॉफी से पहले, वे यूके से लौटते ही वृंदावन आए। यह यात्रा दिखाती है कि सफलता के शिखर पर भी वे आध्यात्मिक संतुलन को कितनी प्राथमिकता देते हैं। विराट ने हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 302 रन बनाए, जिसमें दो शतक शामिल थे। इसके बावजूद, वे चकाचौंध से दूर भक्ति में लीन हो जाते हैं।

16 दिसंबर की मुलाकात का वीडियो बेहद भावुक था। सर्दी में जमीन पर बैठे विराट और अनुष्का महाराज जी की बातें ध्यान से सुन रहे थे। माथे पर तिलक, गले में तुलसी माला और सादे कपड़ों में वे आम भक्त जैसे लग रहे थे। अनुष्का भावुक होकर बोलीं, "महाराज जी, हम आपके हैं।" महाराज जी मुस्कुराते हुए बोले, "हम सब श्री जी (राधा रानी) के हैं। मस्त रहो, आनंद में रहो। हम सब एक ही आकाश के नीचे एक पिता के बच्चे हैं।"

महाराज जी ने उन्हें गहरी सीख दी: "अपने कार्यक्षेत्र को भगवान की सेवा समझिए। गंभीर भाव से रहिए, विनम्र रहिए और खूब नाम जप कीजिए। मन में गहरी इच्छा होनी चाहिए कि परमात्मा के दर्शन हों। सब सुख दिखा दिए, अब सिर्फ भगवान चाहिए।" उन्होंने रावण की कथा से अहंकार त्यागने का संदेश दिया। विराट हर बात पर सहमति में सिर हिलाते रहे, जबकि अनुष्का की आंखें नम हो गईं। महाराज जी ने आगे कहा, "जीवन को प्रगतिशील बनाइए। भगवान मिलने तक यात्रा नहीं रुकनी चाहिए। सांसारिक और दिव्य दोनों क्षेत्र पार करके अपने इष्ट से मिलना है।"

यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। भक्तों ने विराट की विनम्रता और अनुष्का की भक्ति की तारीफ की। कई लोगों ने लिखा कि क्रिकेट और बॉलीवुड की ग्लैमर दुनिया में भी ऐसे स्टार्स हैं जो भक्ति को प्राथमिकता देते हैं। अनुष्का, जो अब चुनिंदा प्रोजेक्ट्स करती हैं और परिवार पर फोकस रखती हैं, अक्सर आध्यात्मिकता की बात करती हैं। विराट भी अपने इंटरव्यू में कह चुके हैं कि भक्ति उन्हें मानसिक शांति देती है।

यह मुलाकात इसलिए भी खास है क्योंकि उस समय लियोनल मेसी का भारत दौरा चल रहा था और अफवाहें थीं कि विराट उनसे मिलेंगे। लेकिन विराट-अनुष्का ने मेसी की बजाय प्रेमानंद जी महाराज को चुना, जो उनकी प्राथमिकताओं को दिखाता है। बाद में वे अलीबाग भी गए, जहां उनका घर है, लेकिन वृंदावन की यात्रा सबसे चर्चित रही।

प्रेमानंद जी महाराज की शिक्षाएं विराट-अनुष्का जैसे सेलिब्रिटी को भी साधारण भक्त बना देती हैं। वे हमें सिखाते हैं कि सफलता, धन और प्रसिद्धि के बाद भी सच्चा आनंद भक्ति में है। सेवा भाव, विनम्रता और नाम जप से जीवन सफल होता है। विराट की क्रिकेट यात्रा में उतार-चढ़ाव आए, लेकिन भक्ति ने उन्हें संबल दिया। अनुष्का की सपोर्ट और दोनों की आस्था एक मिसाल है कि व्यस्त जीवन में भी आध्यात्मिकता जगह बना सकती है।

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यह कहानी लाखों युवाओं को प्रेरित करती है – करियर के साथ भक्ति का संतुलन रखें, अहंकार त्यागें और नाम जप करें। प्रेमानंद जी महाराज की कृपा से ऐसे दर्शन हमें याद दिलाते हैं कि सच्ची खुशी परमात्मा में है।

राधे राधे! 🙏

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