प्रेमानंद जी महाराज ने बताया - किस व्रत से पूरी होंगी भक्तों की सभी मनोकामनाएं
वृंदावन के रसिक संत प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन से जानिए कि एकादशी व्रत, सोमवार व्रत और भगवान का नाम जप करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं कैसे पूरी हो सकती हैं। भक्ति और उपासना का सरल तरीका।
प्रेमानंद जी महाराज राधे-राधे! वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन आज हर घर में गूंज रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो लाखों लोगों का दिल जीत रहे हैं। श्री जी की भक्ति और प्रेमपूर्ण वाणी से वे लोगों का जीवन सरल व आनंदमय बना रहे हैं।
हाल ही में एक सत्संग में एक भक्त ने प्रश्न किया, “महाराज जी! कोई ऐसा तप या व्रत बताइए जिससे भगवान शीघ्र प्रसन्न हो जाएं और हमारी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाएं?”
प्रेमानंद जी महाराज मुस्कुराते हुए बोले:
“तीन पद्धतियां हैं भगवान को प्रसन्न करने की और मनोकामना पूर्ति की...
पहली पद्धति – करके भगवान से लेना एकादशी का व्रत, सोमवार का व्रत, भगवान शिव का जलाभिषेक, श्री कृष्ण-राधा रानी का नाम जप, भजन-कीर्तन, पाठ-पूजन, दान-पुण्य... ये सब कर्मकांड से भगवान बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और भक्त की सभी इच्छाएं पूरी कर देते हैं।
दूसरी पद्धति – होके भगवान से लेना पूरी तरह से शरणागत हो जाओ। राधा-कृष्ण के चरणों में गिरकर कहो – “प्रभु! जैसी हूँ, आपकी हूँ। अब मेरी सारी जिम्मेदारी आपकी है। मेरी हर जरूरत आप पूरी करो। मेरे लिए जो सही है, आप वही करो।” जब तुम पूरी तरह उनके हो जाते हो, तो वे तुम्हें कभी नहीं ताकते। सब कुछ अपने आप सँभाल लेते हैं।
तीसरी और सबसे ऊँची पद्धति – लेने की इच्छा ही छोड़ दो भजन करो, कीर्तन करो और प्रार्थना करो कि “हे नाथ! मेरी सारी कामनाएं शांत कर दो। मुझे कुछ चाहिए ही नही। बस आप चाहिए।” कामनाओं का शांत हो जाना ही सबसे बड़ा फल है। जब लेने की इच्छा ही नहीं रही, तो सारी व्यवस्था अपने आप हो जाती है। भगवान के होकर जीवन का आनंद ही अलग स्तर का होता है।
प्रेमानंद जी महाराज ने अंत में कहा – “राधा-राधा जपो, प्रेम से जपो। बस एक बार पूरी तरह उनके हो जाओ, फिर देखो चमत्कार... सारी मनोकामनाएं तो क्या, मनोकामना करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।”
राधे-राधे 🙏✨ जय श्री राधे
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